पिछले कुछ दिनों से अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच आज सोने की कीमत ने एक नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। मजबूत वैश्विक संकेतों और कमजोर अमेरिकी डॉलर के चलते भारतीय बाजारों में 10 ग्राम सोने का भाव एक बार फिर ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुँच गया है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह तेजी निकट भविष्य में भी जारी रह सकती है, जिसका सीधा असर आभूषण खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा।
सोने का भाव क्यों चढ़ रहा है? कारण जानकर चौंक जाएंगे!
कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, सोने के दाम में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण सक्रिय हैं, जिन पर हर निवेशक को ध्यान देना चाहिए:
- कमजोर अमेरिकी डॉलर: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना के चलते डॉलर कमजोर हुआ है। डॉलर के कमजोर होने पर, अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है और कीमत ऊपर जाती है।
- भू-राजनीतिक तनाव: मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता और संघर्षों के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में देख रहे हैं। अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित धातुओं की ओर रुख करते हैं।
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: दुनिया भर के कई देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी पिछले कुछ महीनों में अपने गोल्ड रिजर्व में बड़ी मात्रा में इजाफा किया है, जिससे सोने की भौतिक मांग (Physical Demand) बढ़ी है।
आज 10 ग्राम सोने का नया भाव क्या है? दिल्ली-मुंबई में क्या है रेट?
देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों (दिल्ली, मुंबई) में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹64,500 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जो अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है।
| धातु का प्रकार | भाव (प्रति 10 ग्राम) |
| 24 कैरेट (शुद्ध सोना) | ₹64,500 |
| 22 कैरेट (आभूषणों में प्रयुक्त) | ₹59,100 |
वहीं, चांदी के भाव में भी मजबूती बनी हुई है और यह ₹80,000 प्रति किलोग्राम के करीब ट्रेड कर रही है।
आगे क्या? ग्राहकों और निवेशकों पर बड़ा असर
इस अप्रत्याशित वृद्धि से खुदरा ग्राहकों और आभूषण विक्रेताओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं:
- खरीदारी पर असर: सोने के दामों में लगातार वृद्धि से आम खरीदारों ने या तो अपनी खरीदारी टाल दी है या हल्के वजन के आभूषणों की तरफ रुख किया है। हालांकि, शादी-विवाह के सीजन में मांग बढ़ने पर कीमतों को और सपोर्ट मिल सकता है।
- निवेशकों के लिए: कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक मुद्रास्फीति और आर्थिक मंदी के डर के चलते अगले कुछ महीनों में सोना ₹66,000 तक का आंकड़ा छू सकता है।
निष्कर्ष: सोने को लेकर निवेशकों की रणनीति
वर्तमान में सोने का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड तेजी दिखा रहा है, जो वैश्विक अनिश्चितता को दर्शाता है। यह स्पष्ट है कि सोना अब केवल आभूषण नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुका है।
जो निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखना चाहते हैं, वे अब भी सोने में निवेश कर रहे हैं। पाठकों के लिए यही सबसे महत्वपूर्ण सीख है कि सोने में निवेश हमेशा लंबी अवधि को ध्यान में रखकर करना चाहिए।