भारत में लाखों स्कूल स्टूडेंट्स की निगाहें हमेशा छुट्टियों के कैलेंडर पर टिकी रहती हैं। दिसंबर 2025 का महीना अब अंतिम चरण में है, और इस बार स्कूल की छुट्टियां सिर्फ क्रिसमस और न्यू ईयर की वजह से नहीं, बल्कि खराब मौसम और स्थानीय चुनावों के कारण भी चर्चा में हैं। जहाँ उत्तरी भारत में कड़ाके की ठंड और कोहरा स्कूलों का समय बदल रहा है, वहीं दक्षिण में चक्रवाती तूफान और भारी बारिश ने कई जिलों में स्कूलों को बंद करने पर मजबूर कर दिया है। बच्चों को ब्रेक चाहिए, लेकिन यह आकस्मिक छुट्टी क्यों हो रही है, आइए जानते हैं…
मौसम और चुनाव ने बदला स्कूलों का कैलेंडर
दिसंबर का महीना आते ही, आमतौर पर सबकी नज़रें शीतकालीन अवकाश (Winter Break) पर होती हैं। लेकिन इस बार देश के कई कोनों में मौसम ने ऐसा रंग दिखाया कि प्रशासन को छात्रों की सुरक्षा के लिए तत्काल स्कूल की छुट्टियां घोषित करनी पड़ीं।
- दक्षिणी राज्यों में तूफान का असर:
- तमिलनाडु और केरल में चक्रवाती तूफान ‘डिटवाह’ के प्रभाव से भारी बारिश हुई है। चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम जैसे कई तटीय जिलों में जलभराव और खराब मौसम के चलते 8 दिसंबर 2025 को स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया गया है।
- मौसम विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद ज़िला कलेक्टरों ने यह निर्णय लिया।
- उत्तरी राज्यों में ठंड की दस्तक:
- उत्तर प्रदेश (UP) और मध्य प्रदेश (MP) में, दिसंबर के तीसरे सप्ताह से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाएगा।
- उत्तर प्रदेश में 20 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक स्कूलों में छुट्टी की संभावना है। कक्षा 1 से 8 तक के लिए, कड़ाके की ठंड को देखते हुए, स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टियों का विस्तार संभव है।
- केरल में चुनाव के कारण बंद:
- केरल में स्थानीय निकाय चुनावों के चलते, कई स्कूलों को मतदान केंद्र और वितरण केंद्र बनाया गया है। इस वजह से, 8, 9 और 11 दिसंबर को कई जिलों में स्कूल की छुट्टियां घोषित की गई हैं।
सरकारी स्कूलों के हॉलिडे कैलेंडर 2025 का एक त्वरित अवलोकन:
| राज्य/बोर्ड | अवकाश का प्रकार | संभावित अवधि (दिसंबर 2025) | मुख्य कारण |
| उत्तर प्रदेश (UP) | शीतकालीन अवकाश | 20 से 31 दिसंबर | सर्दी, क्रिसमस |
| मध्य प्रदेश (MP) | शीतकालीन/क्रिसमस अवकाश | 23 दिसंबर से 1 जनवरी (लगभग) | सर्दी, क्रिसमस |
| तमिलनाडु | आकस्मिक अवकाश | ज़िला-अनुसार, चक्रवात के कारण | भारी बारिश, चक्रवात ‘डिटवाह’ |
| केरल | आकस्मिक अवकाश | 8, 9, 11 दिसंबर (स्थानीय) | स्थानीय निकाय चुनाव |
| पंजाब | शीतकालीन अवकाश | 22 दिसंबर से 10 जनवरी 2026 | सर्दी, शहीदी सभा |
यह क्यों महत्वपूर्ण है? (Why It’s Important)
स्कूल की छुट्टियां सिर्फ एक ब्रेक नहीं होतीं, बल्कि छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ये बेहद ज़रूरी हैं।
- सुरक्षा पहले: मौसम की गंभीर परिस्थितियों (जैसे चक्रवात या शीतलहर) में छात्रों को स्कूल भेजना खतरनाक हो सकता है। प्रशासनिक अवकाश का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
- मानसिक विश्राम: लगातार पढ़ाई और परीक्षा के दबाव के बाद, एक ब्रेक बच्चों को रिचार्ज होने का मौका देता है। इससे उनकी सीखने की क्षमता (Learning Ability) और अगले सत्र के लिए प्रेरणा (Motivation) बढ़ती है।
- पारिवारिक बंधन: अवकाश परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर प्रदान करता है, जिससे बच्चों का भावनात्मक विकास होता है।
उदाहरण के तौर पर, तमिलनाडु में एक अभिभावक, रमेश ने ABP News से कहा, “बारिश इतनी तेज़ थी कि बच्चे को स्कूल भेजना नामुमकिन था। प्रशासन का छुट्टी का फैसला सही समय पर आया, जिससे हमें बड़ी राहत मिली।”
यूजर रिएक्शन / पब्लिक रिस्पांस सेक्शन
बच्चों में खुशी, पेरेंट्स में मिली-जुली प्रतिक्रिया
स्कूल में छुट्टी की खबर सुनकर बच्चों के चेहरे पर तुरंत मुस्कान आ जाती है। सोशल मीडिया पर भी स्टूडेंट्स “Holiday Mode On” जैसे पोस्ट कर रहे हैं। हालांकि, कामकाजी माता-पिता (Working Parents) के लिए यह अचानक आई छुट्टी थोड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है।
ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा, “स्कूल की छुट्टियां आ गई! बच्चों के लिए मज़ेदार टाइम, लेकिन मेरे लिए नया वर्क-फ्रॉम-होम चैलेंज शुरू हो गया है!” वहीं, एक शिक्षक ने NDTV को बताया कि, “सुरक्षा को देखते हुए छुट्टी देना सही है, लेकिन हमें ऑनलाइन क्लासेज या होमवर्क के ज़रिए पढ़ाई का नुकसान कम करने पर ध्यान देना होगा।” कई पेरेंट्स ने लंबी शीतकालीन स्कूल की छुट्टियों का स्वागत किया है, क्योंकि इससे उन्हें परिवार के साथ लंबी यात्राएं प्लान करने का मौका मिलेगा।
निष्कर्ष
- देशभर में स्कूल की छुट्टियां मौसम की मार (दक्षिण में बारिश, उत्तर में ठंड) और स्थानीय प्रशासनिक ज़रूरतों (जैसे चुनाव) के कारण प्रभावित हो रही हैं।
- यूपी, एमपी जैसे राज्यों में शीतकालीन अवकाश जल्द शुरू होने वाला है।
- छात्रों और अभिभावकों को अपने-अपने ज़िला कलेक्टर और स्कूल प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सर्कुलर पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
- ये छुट्टियां बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Next Update Kab? (अगला अपडेट कब?)
दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों में अभी भी शीतकालीन स्कूल की छुट्टियों की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है। अगले 3-4 दिनों में संबंधित शिक्षा विभाग ठंड की स्थिति का आकलन करने के बाद अंतिम कैलेंडर जारी कर सकते हैं।