नई दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) कार्डधारकों के लिए आज 25 नवंबर 2025 से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने के नियम बदल गए हैं।
SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज (SBI Card) ने अपनी फीस संरचना और विभिन्न शुल्कों में संशोधन किया है, जिसका सीधा असर उन लाखों ग्राहकों पर पड़ेगा जो थर्ड पार्टी ऐप्स के माध्यम से शिक्षा शुल्क (Education Payments) का भुगतान करते हैं या डिजिटल वॉलेट (Wallet) में पैसा लोड करते हैं।
यह बदलाव 1 नवंबर 2025 से लागू हो चुका है। अब क्रेडिट कार्ड से ₹1,000 से अधिक का वॉलेट लोड करने पर और थर्ड पार्टी ऐप्स के माध्यम से स्कूल/कॉलेज की फीस भरने पर 1% ट्रांजेक्शन फीस देनी होगी।
यहाँ जानें SBI Credit Card New Rules क्या हैं, आपको कितना अतिरिक्त चार्ज देना होगा और आप इस शुल्क से कैसे बच सकते हैं।
नियम 1: शिक्षा भुगतान पर 1% शुल्क (Education Payments)
SBI कार्ड के ग्राहकों को थर्ड पार्टी ऐप (जैसे CRED, Paytm, MobiKwik) का उपयोग करके स्कूल, कॉलेज या किसी भी शिक्षण संस्थान का शुल्क भरने पर यह नया शुल्क देना होगा।
- नया नियम: 1% ट्रांजेक्शन शुल्क लागू।
- उदाहरण: यदि आप थर्ड पार्टी ऐप से ₹50,000 का शुल्क भरते हैं, तो आपको ₹500 का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
- बचने का तरीका (Low Competition Angle):
- अगर आप यह पेमेंट सीधे स्कूल या कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या कैंपस में लगे POS मशीन (Point-of-Sale) के माध्यम से करते हैं, तो कोई शुल्क नहीं लगेगा।
नियम 2: वॉलेट लोड पर 1% अतिरिक्त चार्ज
यह नियम उन सभी ग्राहकों को प्रभावित करेगा जो अपने SBI क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके डिजिटल वॉलेट (जैसे Paytm, PhonePe, Amazon Pay) में पैसा लोड करते हैं।
- नया नियम: ₹1,000 से अधिक के हर वॉलेट लोड ट्रांजेक्शन पर 1% का अतिरिक्त शुल्क लगेगा।
- उदाहरण: यदि आप वॉलेट में ₹5,000 लोड करते हैं, तो ₹50 का शुल्क लगेगा।
- उद्देश्य: SBI इस कदम से उन ‘किरायेदारों’ पर लगाम लगाना चाहता है जो वॉलेट के जरिए रेंट पेमेंट या अन्य अनधिकृत नकद निकासी करते थे।
अन्य प्रमुख शुल्क जो हुए हैं अपडेट
SBI Card ने कुछ अन्य सेवाओं पर भी अपनी फीस संरचना को अपडेट किया है, जिसे कार्डधारकों को जानना आवश्यक है:
| शुल्क का प्रकार | पुराना नियम | नया नियम (1 नवंबर 2025 से) |
| कैश पेमेंट फीस | बैंक काउंटर पर नकद जमा करने पर शुल्क | ₹250 प्रति ट्रांजेक्शन |
| चेक/डीडी पेमेंट फीस | ₹100 से ₹200 | ₹200 प्रति चेक/डीडी |
| लेट पेमेंट चार्ज | न्यूनतम राशि बकाया होने पर ₹400 से ₹1,300 तक (बकाया राशि के स्लैब के अनुसार) | स्लैब को अपडेट किया गया है, उच्च बकाया राशि पर शुल्क बढ़ा है। |
4. ग्राहकों पर सीधा असर और बचने की रणनीति
SBI Credit Card New Rules का सीधा असर ग्राहकों के खर्चों पर पड़ेगा:
- छात्र/अभिभावक: अभिभावकों को अब अपने बच्चों की फीस भरने के लिए थर्ड पार्टी ऐप्स के बजाय सीधे संस्थान के पेमेंट गेटवे का उपयोग करना चाहिए।
- वॉलेट यूजर्स: वॉलेट में छोटी-छोटी रकमें लोड करें, या ₹1,000 की सीमा से नीचे रहें।
- रिचार्ज और बिल भुगतान: अन्य बिल और रिचार्ज के लिए वॉलेट का उपयोग करने के बजाय, सीधे क्रेडिट कार्ड या UPI का उपयोग करें।
निष्कर्ष: डिजिटल भुगतान में सतर्कता ज़रूरी
SBI कार्ड्स द्वारा शुल्क में किया गया यह बदलाव यह दर्शाता है कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां अब उन ट्रांजेक्शन पर लगाम कस रही हैं जो उन्हें रिवॉर्ड पॉइंट्स या कैश-बैक देने के बावजूद कम मार्जिन देते हैं। कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे नवंबर 2025 से लागू हुए इन नए नियमों को ध्यान में रखें और अनावश्यक शुल्कों से बचने के लिए सीधे और आधिकारिक भुगतान माध्यमों का ही उपयोग करें।