नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था का एक विशाल स्तंभ है। जब बात Reliance Share Price की होती है, तो यह लाखों निवेशकों की धड़कनों को तेज़ कर देता है। हाल ही में कंपनी ने अपनी दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे घोषित किए हैं, जिसने एक बार फिर इस दिग्गज शेयर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
क्या ये नतीजे Reliance Share को एक नई ऊंचाई देंगे? क्या अब यह ‘खरीदें, बेचें या होल्ड करें’ की दुविधा खत्म होगी? आइए, Reliance Industries Share Price के वर्तमान रुझान, Q2 नतीजों के विश्लेषण और ब्रोकरेज फर्मों के नए लक्ष्यों (Target Price 2025) पर विस्तार से बात करते हैं, ताकि आप एक सूचित (informed) निवेश निर्णय ले सकें।
Reliance Share Price: Q2 नतीजों के बाद कैसा है बाज़ार का मूड?
हाल ही में घोषित RIL Q2 FY26 के समेकित (Consolidated) नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां एक ओर राजस्व (Revenue) ने बाज़ार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है, वहीं शुद्ध लाभ (Net Profit) विश्लेषकों की अपेक्षाओं से थोड़ा कम रहा है। बावजूद इसके, बाज़ार में Reliance Share को लेकर उत्साह बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण कंपनी के उपभोक्ता व्यवसायों (Consumer Businesses) – Jio और Reliance Retail का शानदार प्रदर्शन है।
| प्रमुख वित्तीय संकेतक (Key Financial Indicators) | Q2 FY26 प्रदर्शन | साल-दर-साल वृद्धि (YoY Growth) | बाज़ार पर प्रभाव |
| समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) | ₹18,165 करोड़ | ↑ 10% | अनुमान से कम, लेकिन वृद्धि दर मजबूत। |
| परिचालन से राजस्व (Revenue from Operations) | ₹2.59 लाख करोड़ | ↑ 10% | अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन। |
| EBITDA | ₹50,367 करोड़ | ↑ 15% | मार्जिन (Margin) में 80 आधार अंकों का सुधार। |
| Jio सब्सक्राइबर्स | 50.6 करोड़ से अधिक | – | 50 करोड़ का ऐतिहासिक मील का पत्थर पार। |
विश्लेषण: Q2 के नतीजों ने साबित कर दिया है कि RIL अब केवल तेल (Oil) और रसायन (Chemicals) पर निर्भर नहीं है। कंपनी के रिटेल और Jio सेगमेंट अब विकास के मुख्य इंजन (Main Growth Engines) बन चुके हैं, जो भविष्य में RIL Share Price को स्थिरता और गति दोनों प्रदान करेंगे।
सेगमेंट-वार विश्लेषण: विकास के तीन स्तंभ
रिलायंस का व्यापार तीन बड़े स्तंभों पर टिका है। शेयर की दिशा समझने के लिए हमें इन तीनों की गहराई से पड़ताल करनी होगी:
1. Jio Platforms (डिजिटल का दबदबा)
Jio ने इस तिमाही में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं:
- 50 करोड़ सब्सक्राइबर: Jio ने 50 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर बेस का मील का पत्थर पार कर लिया है, जो इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक बनाता है।
- ARPU में उछाल: औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता (Average Revenue Per User – ARPU) बढ़कर ₹211.4 हो गया है, जो 8.4% की सालाना वृद्धि दर्शाता है। 5G रोलआउट और JioAirFiber के विस्तार से यह और बढ़ेगा।
- AI और 5G: कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 5G तकनीक में आक्रामक निवेश कर रही है, जिसे ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) भविष्य की ग्रोथ का प्रमुख कारक मान रही है।
2. Reliance Retail (उपभोक्ता बाज़ार पर कब्ज़ा)
Reliance Retail की वृद्धि दर प्रभावशाली बनी हुई है:
- राजस्व और लाभ: Q2 में राजस्व में 18% और शुद्ध लाभ में 22% की वृद्धि दर्ज की गई। यह त्योहारों की खरीदारी (Festive Buying) और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) के कारण हुआ।
- भौतिक विस्तार: कंपनी ने 412 नए स्टोर खोले हैं, जिससे कुल स्टोर की संख्या बढ़कर 19,821 हो गई है। यह भौतिक और डिजिटल, दोनों माध्यमों से भारतीय उपभोक्ता बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है।
- FMCG और IPO की संभावना: FMCG ब्रांडों का पुनर्गठन और भविष्य में Reliance Retail का संभावित IPO, कंपनी के लिए एक बड़ा ‘वैल्यू अनलॉकिंग’ उत्प्रेरक (Value Unlocking Catalyst) बन सकता है।
3. O2C और न्यू एनर्जी (परंपरागत से भविष्य की ओर)
- O2C (Oil-to-Chemicals): O2C सेगमेंट के EBITDA में 21% की वृद्धि हुई है। वैश्विक रिफाइनिंग मार्जिन (Refining Margins) में सुधार और परिवहन ईंधन (Transportation Fuel) की मजबूत मांग ने इस सेगमेंट को सहारा दिया है।
- न्यू एनर्जी (New Energy): RIL का ₹75,000 करोड़ का महत्वाकांक्षी न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट अगले 4 से 6 तिमाहियों में राजस्व (Revenue) उत्पन्न करना शुरू कर देगा। ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) और सौर ऊर्जा (Solar Energy) पर कंपनी का यह दांव न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि Reliance Share के दीर्घकालिक (Long-Term) मूल्यांकन के लिए भी निर्णायक साबित होगा।
ब्रोकरेज फर्मों के नए ‘टारगेट प्राइस’ (RIL Share Price Target 2025-26)
Q2 नतीजों के बाद, कई घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों ने Reliance Share पर अपनी ‘खरीदें’ (Buy) रेटिंग को बरकरार रखा है और अपने लक्ष्य मूल्यों को संशोधित किया है। उनकी राय बताती है कि बाजार RIL की भविष्य की विकास क्षमता (Growth Potential) को लेकर काफी सकारात्मक है।
| ब्रोकरेज फर्म (Brokerage Firm) | रेटिंग (Rating) | संशोधित लक्ष्य मूल्य (Target Price) | मुख्य कारण (Key Rationale) |
| Investec | Buy (खरीदें) | ₹1,890 | FY27 तक ग्रुप EBITDA दोगुना होने की उम्मीद; मजबूत कैश जनरेशन। |
| Morgan Stanley | Overweight | ₹1,701 | AI और चीन के ‘एंटी-इनवोल्यूशन’ ट्रेंड से ग्रोथ का लाभ। |
| Citi | Buy (खरीदें) | ₹1,690 | Jio और Retail का वर्तमान मूल्यांकन (Valuation) 15-25% डिस्काउंट पर, जो भविष्य में बढ़ेगा। |
| Religare Broking | Buy (खरीदें) | ₹1,600 | उपभोक्ता कारोबार मुख्य विकास इंजन, न्यू एनर्जी अगले चरण का चालक। |
निष्कर्ष: ब्रोकरेज फर्मों का सर्वसम्मत (Consensus) लक्ष्य मूल्य ₹1,600 से ₹1,700 के बीच है, जो मौजूदा बाजार मूल्य से 15% से 25% तक की वृद्धि दर्शाता है।
RIL Share के लिए ‘गेम चेंजर’ कहाँ छिपा है?
RIL Share को लंबे समय से एक ‘होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट’ (Holding Company Discount) का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि निवेशकों के लिए इसके Jio और Retail जैसे उपभोक्ता व्यवसायों का अलग से मूल्यांकन करना मुश्किल था। हालांकि, अब स्थिति बदल रही है:
1. वैल्यू अनलॉकिंग (Value Unlocking)
- Jio IPO की चर्चा: Jio Platforms का संभावित IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) बाज़ार में सबसे बड़ी ‘वैल्यू अनलॉकिंग’ घटना हो सकता है। यह न केवल RIL के लिए बड़ी पूंजी जुटाएगा, बल्कि Jio की वास्तविक वैल्यू भी स्थापित करेगा, जिससे समेकित Reliance Share Price पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा।
- Reliance Retail का विस्तार: रिटेल सेगमेंट में आक्रामक विस्तार और छोटे शहरों तक पहुँच RIL की आय को स्थिर और अनुमानित (Predictable) बनाएगी।
2. तकनीकी संकेत (Technical Analysis)
Reliance Share Price ₹1,400 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर चुका है। तकनीकी विश्लेषक मानते हैं कि स्टॉक ने पिछले तीन महीनों की गिरावट के बाद एक मजबूत आधार (Higher Base Formation) बनाया है। इस आधार से ₹1,540 के पिछले उच्च स्तरों की ओर फिर से तेज़ी से बढ़ने की संभावना है। ₹1,380-₹1,400 के बीच का स्तर एक मजबूत सपोर्ट जोन (Support Zone) के रूप में काम कर रहा है।
3. FII और DII की दिलचस्पी
Q2 के शानदार प्रदर्शन और भविष्य की स्पष्ट विकास रणनीति के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) और घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) दोनों RIL Share में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। संस्थागत निवेशकों की यह बढ़ती दिलचस्पी RIL Share Price को दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करती है।
निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें (निष्कर्ष)
Reliance Industries के लिए आने वाला समय ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ और ‘विकास’ का होने वाला है। Q2 के नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि उपभोक्ता कारोबार (Jio & Retail) अब कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, जबकि O2C और न्यू एनर्जी सेगमेंट बैलेंस शीट को मजबूती देंगे।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
- दीर्घकालिक दृष्टिकोण: यदि आप लंबी अवधि (Long Term) के निवेशक हैं, तो Reliance Share अपनी विविधता (Diversification) और मजबूत भविष्य की योजना (New Energy) के कारण आपके पोर्टफोलियो का एक मजबूत हिस्सा बना रह सकता है। ₹1,600-₹1,700 का लक्ष्य उचित लगता है।
- जोखिम: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव (Volatility in Crude Oil Prices) और वैश्विक आर्थिक मंदी अभी भी O2C सेगमेंट के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
- खरीद का स्तर: Reliance Share Price में किसी भी गिरावट (₹1,380 के आसपास) को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि ₹1,400 का स्तर एक मजबूत मनोवैज्ञानिक (Psychological) सपोर्ट बन गया है।
अंतिम विचार: RIL एक ऐसा स्टॉक है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के हर प्रमुख विकास इंजन (उपभोक्ता, डिजिटल, ऊर्जा) का प्रतिनिधित्व करता है। कंपनी की बहुआयामी ग्रोथ स्टोरी (Multi-faceted Growth Story) ही RIL Share Price के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है।
आपके ज़रूरी सवाल (FAQ – Reliance Share Price)
RIL के लिए सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर क्या है?
वर्तमान में सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर इसके उपभोक्ता व्यवसाय Jio Platforms (5G और ARPU वृद्धि) और Reliance Retail (भौतिक और डिजिटल विस्तार) हैं। भविष्य में न्यू एनर्जी इसका सबसे बड़ा उत्प्रेरक होगा।
Q2: क्या Jio IPO की कोई ताज़ा ख़बर है?
A: Jio IPO की चर्चाएँ समय-समय पर होती रहती हैं। कंपनी की रणनीति इस सेगमेंट में वैल्यू अनलॉकिंग की है। हाल ही में SEBI द्वारा लाए गए नए लिस्टिंग नियम (Listing Norms) Jio IPO के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं, क्योंकि यह होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट की चिंताओं को कम करता है।
Q3: RIL के शेयरों में निवेश का जोखिम क्या है?
A: मुख्य जोखिम O2C सेगमेंट से जुड़ा है, जो कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक रिफाइनिंग मार्जिन में उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। इसके अलावा, Jio में बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी एक मध्यमकालिक (Medium-Term) जोखिम है।
Q4: ₹1,600 का टारगेट प्राइस क्यों दिया जा रहा है?
A: ब्रोकरेज फर्म्स Jio और Retail की मजबूत आय वृद्धि, न्यू एनर्जी में आक्रामक निवेश, और Jio/Retail IPO के माध्यम से संभावित वैल्यू अनलॉकिंग को ध्यान में रखते हुए यह लक्ष्य दे रहे हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।