नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम आज 4 नवंबर 2025 को भी आम नागरिकों के लिए बड़ी खबर लेकर आए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे के बाद जो नए रेट जारी किए हैं, उनके अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतें अभी भी लगभग स्थिर बनी हुई हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil) के बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में बदलाव के बावजूद, भारत में पिछले कई महीनों से खुदरा कीमतें (Retail Prices) अपरिवर्तित हैं। यह स्थिरता आम नागरिकों के लिए राहत की बात है, लेकिन सवाल यह है कि Dynamic Fuel Pricing सिस्टम लागू होने के बावजूद, ये कीमतें क्यों नहीं बदल रही हैं?
यहाँ जानें Petrol Price Today का ताजा हाल, अपने शहर का रेट और कीमत स्थिर रहने के पीछे का पूरा अर्थशास्त्र।
1. आज का Petrol Price Today (04 November 2025)
अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बावजूद, सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के VAT को समायोजित करने के कारण, प्रमुख भारतीय शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम आज भी लगभग वही हैं जो कल थे।
| शहर (City) | पेट्रोल का दाम (₹/लीटर) | डीजल का दाम (₹/लीटर) |
| दिल्ली (New Delhi) | ₹94.72 | ₹87.62 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹104.21 | ₹92.15 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹103.94 | ₹90.76 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹100.75 | ₹92.34 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹94.69 | ₹87.80 |
| गुरुग्राम (Gurugram) | ₹95.38 | ₹87.85 |
2. Dynamic Fuel Pricing India: क्यों नहीं बदल रहे हैं दाम?
भारत में जून 2017 से डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग सिस्टम लागू है, जिसका अर्थ है कि कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे बदलनी चाहिए। लेकिन पिछले कई महीनों से इसमें बदलाव नहीं हो रहा है, जिसके पीछे ये तीन बड़े कारण हैं:
A. तेल कंपनियों का मार्जिन बफर
- ग्लोबल कीमत और बिक्री कीमत में अंतर: जब अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियाँ (IOC, BPCL, HPCL) कीमतों में कटौती करने के बजाय उस मार्जिन (लाभ) को जमा कर लेती हैं। इस मार्जिन का उपयोग तब किया जाता है जब वैश्विक कीमतें अचानक बहुत बढ़ जाती हैं, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े।
- चुनाव का माहौल: अक्सर राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए, तेल कंपनियां बड़े बदलावों से बचती हैं।
B. रुपये-डॉलर विनिमय दर
- आयात पर निर्भरता: भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85% आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है।
- प्रभाव: डॉलर के मजबूत होने पर तेल का आयात महंगा हो जाता है। रुपये की कीमत में स्थिरता या मामूली सुधार से तेल कंपनियों को कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलती है।
C. टैक्सेशन का दबाव
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) का एक बड़ा हिस्सा शामिल होता है। इन टैक्सेज में बदलाव न होने से भी अंतिम उपभोक्ता मूल्य (Consumer Price) में स्थिरता बनी रहती है।
3. Petrol Diesel Price: कैसे जानें अपने शहर का दाम?
चूंकि तेल की कीमतों में राज्य और शहर के VAT के कारण अंतर होता है, इसलिए अपने शहर का सटीक दाम जानने के लिए आप इन तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:
- SMS सेवा: IOCL, HPCL या BPCL की आधिकारिक SMS सेवा का उपयोग करें (प्रत्येक कंपनी के लिए अलग कोड होता है)।
- मोबाइल ऐप्स: तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे Fuel@IOC) या थर्ड पार्टी ऐप्स पर दाम चेक करें।
- पेट्रोल पंप डिस्प्ले: सभी पेट्रोल पंपों पर सुबह 6 बजे के बाद अद्यतन (Updated) दाम प्रदर्शित करना अनिवार्य होता है।
निष्कर्ष: आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतों में कोई बड़ी और स्थायी गिरावट नहीं आती, या सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी/VAT में कटौती नहीं की जाती, तब तक कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल, Dynamic Fuel Pricing सिस्टम का उद्देश्य दैनिक आवागमन और ईंधन की लागत को अप्रत्याशित झटकों से बचाना है।