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IND vs AUS: विराट कोहली के बल्ले पर लगा ‘ब्रेक’! ऑस्ट्रेलिया में किंग कोहली का संघर्ष जारी, वनडे करियर में पहली बार लगातार दो मैच में नहीं खोल सके खाता

क्या खत्म हुआ ‘विराट युग’? लगातार दो डक ने खड़ी की चिंता, जानिए ऑस्ट्रेलिया की धरती पर क्यों नहीं चल रहा रन मशीन का बल्ला और क्या कहते हैं दिग्गज?

सिडनी/नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और ‘रन मशीन’ कहे जाने वाले विराट कोहली इस समय अपने करियर के एक अप्रत्याशित दौर से गुजर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज़ के शुरुआती दो मैचों में उनका प्रदर्शन क्रिकेट जगत में एक बड़ी बहस का विषय बन गया है। पहले वनडे में खाता खोलने से पहले आउट होना और फिर दूसरे मैच में भी यही कहानी दोहराना—यह न सिर्फ़ टीम इंडिया के लिए, बल्कि स्वयं कोहली के लिए भी निराशाजनक है।

आंकड़े बताते हैं कि यह विराट कोहली के वनडे करियर में पहली बार हुआ है, जब वह लगातार दो मैचों में शून्य (डक) पर आउट हुए हों। जी हाँ, जिस बल्लेबाज के नाम 50 से अधिक शतकों का रिकॉर्ड है, वह लगातार दो बार बिना खाता खोले पवेलियन लौट गया। यह खबर जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही भारतीय फैंस के लिए चिंताजनक भी। क्या यह ख़राब फॉर्म सिर्फ़ एक संयोग है, या इसके पीछे कोई बड़ी तकनीकी कमी है? आइए, इस बड़े झटके के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।

कोहली का अभूतपूर्व ‘शून्य’ रिकॉर्ड: क्या कहते हैं आंकड़े?

विराट कोहली का करियर हमेशा ही रिकॉर्ड्स और शतकों से भरा रहा है। लेकिन, यह ऑस्ट्रलियाई दौरा उनके वनडे करियर में एक अनोखा और अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज कर गया है।

वनडे करियर में पहली बार लगातार दो ‘डक’

2008 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले विराट कोहली ने अब तक 290 से अधिक मैच खेले हैं। इस लंबे और सफल करियर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन लगातार दो बार जीरो पर आउट होना उनके नाम पहली बार दर्ज हुआ है।

ODI मैचविपक्षी टीमपरिणामकोहली का स्कोर
मैच 1ऑस्ट्रेलियाहार0 (Duck)
मैच 2ऑस्ट्रेलियाहार0 (Duck)

यह दर्शाता है कि दबाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कोहली हमेशा वापसी करते रहे हैं, लेकिन इस बार ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन पर उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही है।

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर संघर्ष के कारण: तकनीकी या मानसिक?

विराट कोहली हमेशा से ऑस्ट्रेलिया में शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, चाहे वह टेस्ट हो या वनडे। ऐसे में, अचानक इस तरह का संघर्ष कई सवाल खड़े करता है। क्रिकेट विशेषज्ञ इसके पीछे दो मुख्य कारण मानते हैं:

1. शॉर्ट बॉल/आउटसाइड ऑफ स्टंप की रणनीति (The Technical Trap)

ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने विराट के लिए एक स्पष्ट जाल बुना है। उनके खिलाफ सबसे ज़्यादा गेंदे ऑफ स्टंप के बाहर और शॉर्ट पिच फेंकी जा रही हैं।

  • ऑफ स्टंप की लालच: कोहली को ड्राइव खेलना बहुत पसंद है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज उन्हें लगातार ऑफ स्टंप से बाहर शॉर्ट पिच गेंदें फेंककर ड्राइव करने के लिए उकसा रहे हैं। पिछली दोनों बार, वह इसी तरह की गेंदों पर अपना विकेट गंवा बैठे।
  • तेज़ और उछाल (Pace and Bounce): ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर मिलने वाली तेज़ रफ़्तार और अतिरिक्त उछाल (Extra Bounce) के कारण, बल्लेबाज को गेंद की गति का अनुमान लगाने में मुश्किल होती है। कोहली का बल्ले का किनारा (Outside Edge) लगने की संभावना बढ़ जाती है, जैसा कि हमने दोनों मैचों में देखा।

2. मानसिक दबाव और कप्तानी का बोझ (Mental Fatigue and Captaincy Burden)

विराट कोहली न सिर्फ़ टीम के सबसे बड़े बल्लेबाज हैं, बल्कि तीनों फॉर्मेट में कप्तान भी हैं।

  • बायो-बबल का असर: लगातार बायो-बबल और यात्रा के कारण मानसिक थकान का होना स्वाभाविक है। हालांकि कोहली ने इस पर कभी खुलकर बात नहीं की, लेकिन लगातार बड़े टूर्नामेंट्स और कप्तानी का दबाव कहीं न कहीं उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
  • रन बनाने की आतुरता: बड़े मैचों में वह हमेशा टीम को फ्रंट से लीड करना चाहते हैं। लगातार दो हार के बाद, वह शायद बहुत जल्दी बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश कर रहे हों, जिससे उनके ‘सेट होने’ का समय कम हो गया हो।

क्यों यह संघर्ष एक बड़ी खबर है (Why This Struggle is Trending News)?

किसी भी अन्य खिलाड़ी का लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होना शायद इतनी बड़ी खबर न बनता, लेकिन यह विराट कोहली हैं।

  1. उनके ‘किंग’ का दर्जा: कोहली को वर्तमान क्रिकेट का ‘किंग’ कहा जाता है। उनसे रनों की अपेक्षा नहीं, बल्कि शतकों की अपेक्षा की जाती है। जब ऐसा खिलाड़ी लगातार जीरो पर आउट होता है, तो यह हेडलाइन बन जाता है।
  2. दबाव और कप्तानी: आगामी बड़े टूर्नामेंट्स (जैसे वर्ल्ड कप) और टीम पर उनके प्रभाव को देखते हुए, उनकी फॉर्म पर सवाल उठना अपरिहार्य है। क्या उनकी फॉर्म में कमी टीम इंडिया की कप्तानी पर असर डालेगी?
  3. फैंस की भावनाएं: भारतीय फैंस उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा मानते हैं। उनके ‘डक’ होने से फैंस में एक तरह की निराशा और बेचैनी पैदा होती है, जो सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग बहस का रूप ले लेती है।

क्या कहते हैं पूर्व क्रिकेट दिग्गज?

कोहली के संघर्ष पर पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने अपनी राय दी है। अधिकांश का मानना है कि यह फॉर्म की नहीं, बल्कि तकनीकी समायोजन (Technical Adjustment) की समस्या है, जिसे वह जल्द दूर कर लेंगे।

विशेषज्ञ का नाममुख्य टिप्पणी
सुनील गावस्कर“ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उनके लिए एक ही ट्रैप सेट किया है। उन्हें ड्राइव को थोड़ा होल्ड करना होगा। यह फॉर्म नहीं, फ़ोन का नंबर (तकनीक) है।”
ग्रेग चैपल“विराट कोहली को पता है कि समस्या कहाँ है। उन्हें सिर्फ़ अपने अहंकार को एक तरफ रखकर शुरुआती 10 ओवरों में संभलकर खेलना होगा।”
वीरेंद्र सहवाग“किंग कोहली वापसी करेंगे। यह ब्रेक बस उन्हें अगले मैच में बड़ा धमाका करने के लिए तैयार कर रहा है।”

अगली रणनीति क्या हो? (The Way Forward)

विराट कोहली जैसे खिलाड़ी के लिए वापसी करना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन उन्हें जल्द ही अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।

  • ड्राइव पर नियंत्रण: शुरुआती ओवरों में ऑफ स्टंप के बाहर की गेंदों को पूरी तरह से छोड़ना (Leave) उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब गेंद पुरानी हो जाए और पिच धीमी हो जाए, तब वह अपनी पसंदीदा कवर ड्राइव खेल सकते हैं।
  • स्ट्राइक रोटेशन: सिर्फ़ बाउंड्री पर ध्यान देने के बजाय, सिंगल्स और डबल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट करना महत्वपूर्ण होगा। यह उन्हें क्रीज़ पर टिकने और दबाव को कम करने में मदद करेगा।
  • मानसिक विश्राम: अगर सीरीज़ में ज़्यादा महत्व न हो, तो कप्तानी के दबाव से मुक्त होकर एक या दो मैचों का ब्रेक लेना भी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion): ‘फॉर्म अस्थायी, क्लास स्थायी’

विराट कोहली का लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होना भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक दुर्लभ घटना है। यह संघर्ष ऑस्ट्रेलिया की धरती पर है, जहाँ गेंदबाजों ने जानबूझकर उनके खिलाफ रणनीति बनाई है।

हालांकि, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि ‘फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास स्थायी होती है।’ विराट कोहली विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े नाम हैं और उन्हें खुद पर भरोसा है। यह सिर्फ़ समय की बात है कि वह इस चुनौती को पार करेंगे और एक बार फिर से दुनिया को अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाएंगे। भारतीय फैंस को धैर्य रखने की जरूरत है, क्यों

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs )

Q1. विराट कोहली वनडे करियर में पहली बार लगातार दो डक पर कब आउट हुए?

A: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही मौजूदा वनडे सीरीज़ के शुरुआती दो मैचों में।

Q2. कोहली को आउट करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज किस रणनीति का उपयोग कर रहे हैं?

A: वे लगातार ऑफ स्टंप के बाहर और शॉर्ट पिच गेंदें फेंक रहे हैं, जिससे कोहली को ड्राइव खेलने की लालच हो और उनके बल्ले का किनारा लगे।

Q3. क्या यह विराट कोहली के लिए फॉर्म की चिंता है?

A: अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि यह ख़राब फॉर्म नहीं है, बल्कि तकनीकी समायोजन (Technical Adjustment) की आवश्यकता है, जिसका समाधान वह जल्द ही ढूंढ लेंगे।

Q4. आगे क्या बड़ा इवेंट है, जिसके लिए कोहली का फॉर्म ज़रूरी है?

A: आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स और महत्वपूर्ण सीरीज़ के लिए कोहली का फॉर्म और आत्मविश्वास टीम इंडिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Ishika Rai

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