नई दिल्ली/लखनऊ: दिवाली के बाद से ही सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले कुछ हफ्तों में, जहां सोने की कीमतों में बड़ा करेक्शन आया है, वहीं चांदी भी काफी सस्ती हुई है। यह गिरावट निवेशकों और आम खरीदारों दोनों के लिए चिंता और उत्सुकता का विषय बन गई है। क्या यह सिर्फ ‘प्रॉफिट बुकिंग’ है या ग्लोबल मार्केट में कोई बड़ा बदलाव? आइए, जानते हैं आज सोने और चांदी का ताजा भाव क्या है और बाजार के जानकार इस बड़ी गिरावट पर क्या कह रहे हैं।
आज के सोने-चांदी के ताज़ा दाम (Gold Silver Price Today)
भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है, लेकिन पिछले कुछ दिनों की तुलना में दाम काफी कम हैं। (ये दरें टैक्स और मेकिंग चार्ज से पहले की हैं, सटीक जानकारी के लिए अपने स्थानीय सर्राफा बाजार से संपर्क करें।)
| धातु (Metal) | शुद्धता (Carat) | मात्रा (Quantity) | आज का भाव (₹) | कल का भाव (₹) | दैनिक बदलाव (Daily Change) |
| सोना (Gold) | 24 कैरेट (999) | 10 ग्राम | ₹ 1,21,077 | ₹ 1,21,518 | ₹ -441 (गिरावट) |
| सोना (Gold) | 22 कैरेट (916) | 10 ग्राम | ₹ 1,10,907 | ₹ 1,11,310 | ₹ -403 (गिरावट) |
| चांदी (Silver) | 999 | 1 किलो | ₹ 1,69,900 | ₹ 1,73,600 | ₹ -3,700 (गिरावट) |
(सोर्स: विभिन्न विश्वसनीय स्थानीय सर्राफा बाजार के आंकड़े। ध्यान दें: यह कीमत सांकेतिक है।)
सोने-चांदी के दामों में आई ‘महागिरावट’ के 5 बड़े कारण
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिवाली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में आई ये तेज गिरावट कई वैश्विक (Global) और घरेलू (Domestic) कारकों का परिणाम है। इस गिरावट को सिर्फ भारत नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के बाजार महसूस कर रहे हैं।
1. अमेरिकी डॉलर की मजबूती (Stronger US Dollar)
- सोना और चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर में ट्रेड होते हैं।
- जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी देशों के निवेशकों के लिए इन धातुओं को खरीदना महंगा हो जाता है। इससे सोने और चांदी की मांग (Demand) घटती है और कीमतों पर दबाव आता है।
2. वैश्विक तनाव में कमी (Easing Global Tensions)
- सोना ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe-Haven Asset) माना जाता है। जब भी दुनिया में कोई बड़ा राजनीतिक या आर्थिक संकट आता है, तो निवेशक सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हुए सोने में निवेश करते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं।
- हाल ही में अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में कमी और कुछ अन्य भू-राजनीतिक (Geopolitical) चिंताओं में राहत मिलने से निवेशकों का ध्यान वापस ‘जोखिम भरे’ (Riskier) लेकिन अधिक लाभ वाले एसेट्स, जैसे कि शेयर बाजार (Stock Market) की ओर चला गया है।
3. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking)
- पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर को छुआ था, जिससे निवेशकों को बड़ा मुनाफा हुआ।
- ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने अपना मुनाफा सुरक्षित करने के लिए बड़ी मात्रा में सोना और चांदी बेचना शुरू कर दिया, जिसे ‘प्रॉफिट बुकिंग’ कहते हैं। अचानक भारी बिकवाली (Selling) से कीमतें तेजी से गिरती हैं।
4. तकनीकी बिकवाली (Technical Selling)
- बाजार के जानकार तकनीकी संकेतकों (Technical Indicators) के आधार पर भी ट्रेडिंग करते हैं। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ती हैं और कुछ तय सीमा को पार कर जाती हैं (जैसे RSI – Relative Strength Index), तो तकनीकी विश्लेषक इसे ‘अति-खरीद’ (Overbought) मानकर बिकवाली शुरू कर देते हैं।
5. ब्याज दरों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख (US Fed Policy)
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने लगी हैं।
- जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो लोग बिना ब्याज देने वाली संपत्ति (Non-Yielding Assets) जैसे सोने के बजाय बैंकों और बॉन्ड्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए एक्सपर्ट राय: खरीदें या इंतजार करें?
यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में है जो या तो निवेश करना चाहता है या त्योहार/शादी के लिए गहने खरीदने की सोच रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट एक ‘तकनीकी सुधार’ (Technical Correction) हो सकती है, जो रिकॉर्ड तेज़ी के बाद आना स्वाभाविक था। घबराएं नहीं।
- सोने के खरीदार (आभूषण): अगर आपके घर में जल्द ही शादी या कोई अन्य समारोह है, तो यह गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकती है। विशेषज्ञ भी ‘हर गिरावट पर खरीद’ (Buy on Dips) की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
- निवेशक: लंबे समय के निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाकर धीरे-धीरे SIP (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) की तरह सोने या चांदी में निवेश शुरू कर सकते हैं। विशेषज्ञ कीमतों के $4,000 प्रति औंस के आसपास स्थिर होने का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं।
- क्या और गिरेगा? कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें घरेलू बाजार में ₹ 1,18,000 से ₹ 1,25,500 प्रति 10 ग्राम की रेंज में रह सकती हैं। अगर वैश्विक तनाव फिर बढ़ता है या डॉलर कमजोर होता है, तो तेज़ी लौटना तय है।
क्या चांदी में निवेश सही है?
सोने के साथ-साथ चांदी में भी भारी गिरावट आई है, जो निवेशकों को आकर्षित कर सकती है।
- औद्योगिक मांग (Industrial Demand): चांदी की मांग का एक बड़ा हिस्सा इंडस्ट्री से आता है (जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स)। वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार होने पर चांदी की औद्योगिक मांग बढ़ेगी, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।
- तेज उतार-चढ़ाव: चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिलता है। इसलिए, चांदी में निवेश करते समय जोखिम थोड़ा अधिक होता है।
- निष्कर्ष: लंबी अवधि के लिए, खासकर औद्योगिक मांग को देखते हुए, चांदी में निवेश का विचार किया जा सकता है, लेकिन छोटी अवधि के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
| सवाल (Question) | जवाब (Answer) |
| Q1. 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर है? | 24 कैरेट (99.9% शुद्धता) सबसे शुद्ध सोना है, लेकिन इससे गहने नहीं बनते। 22 कैरेट (91.6% शुद्धता) का उपयोग गहने बनाने में होता है, इसमें मजबूती के लिए तांबा या चांदी मिलाई जाती है। |
| Q2. गहने खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? | हमेशा हॉलमार्क (Hallmark) देखकर ही गहना खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। साथ ही, मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी भी जरूर लें। |
| Q3. क्या डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) में निवेश करना सुरक्षित है? | हां, डिजिटल गोल्ड सुरक्षित है। यह फिजिकल गोल्ड को रखने और बेचने की परेशानियों से बचाता है। इसे MMTC-PAMP या सुरक्षित प्लेटफॉर्म्स के जरिए खरीदा जा सकता है। |
| Q4. सोने की शुद्धता कैसे जांचें? | असली सोने की शुद्धता जांचने का सबसे विश्वसनीय तरीका हॉलमार्किंग (Hallmarking) है। 1 जुलाई 2021 से हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुकी है। |
हमारा निष्कर्ष और आगे की राह
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है। यह मंदी ‘खरीदने का अच्छा अवसर’ (Good Buying Opportunity) साबित हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय से अच्छी कीमतों का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है। यह बाजार बहुत संवेदनशील है, और एक छोटी सी खबर भी इसकी दिशा बदल सकती है। समझदारी से निवेश करें और जल्दबाजी से बचें।