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भीषण चक्रवात ‘मोंथा’ का ताज़ा अपडेट: इन 12 राज्यों में रेड अलर्ट! जानें तबाही का मंज़र और बचाव की रणनीति (Cyclone Montha Latest Update)

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) भारतीय तटों से टकरा चुका है। इसकी सबसे ज़्यादा मार आंध्र प्रदेश के तट पर पड़ी है, जिसने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी तबाही मचाई है। वर्तमान में, 12 से अधिक राज्यों में मौसम विभाग (IMD) ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

यह चक्रवात न केवल घरों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि देश की परिवहन व्यवस्था (रेल और हवाई यात्रा) को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। Cyclone Montha Latest Update के अनुसार, अगले 48 घंटों में इसका असर उत्तर प्रदेश और बिहार तक देखने को मिल सकता है।

आइए, इस विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट में जानते हैं चक्रवात ‘मोंथा’ की लाइव स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों का हाल, सरकारी बचाव कार्य और आपको क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए।

🌪️ चक्रवात ‘मोंथा’ की वर्तमान स्थिति और लाइव ट्रैकिंग

इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, चक्रवात ‘मोंथा’ अब तट से टकराने के बाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका प्रभाव अभी भी व्यापक है।

1. कहाँ टकराया और वर्तमान गति

  • टकराव का स्थान (Landfall): चक्रवात ‘मोंथा’ ने आंध्र प्रदेश के तट (काकीनाडा के पास) से 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ टकराया।
  • वर्तमान स्थिति: चक्रवात अब गहरे दबाव (Deep Depression) के क्षेत्र में बदलकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहा है।
  • बारिश का अनुमान: IMD ने अगले 24 घंटों में तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) का रेड अलर्ट जारी किया है।

2. प्रभावित 12 राज्य और अलर्ट जोन

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के 12 राज्यों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

राज्यअलर्ट जोन (IMD)मुख्य प्रभाव
आंध्र प्रदेशरेड अलर्टबिजली गुल, संचार बाधित, तटीय क्षेत्रों में जलभराव।
ओडिशारेड अलर्ट/ऑरेंज अलर्टभारी बारिश, बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों से निकासी।
पश्चिम बंगालऑरेंज अलर्टतूफान के कारण ट्रेन और फ्लाइट सेवाएं रद्द, तेज हवाएँ।
बिहार/झारखंडयेलो अलर्टमौसम में बदलाव, मध्यम से भारी बारिश की आशंका।
उत्तर प्रदेशयेलो अलर्टसाइक्लोन के प्रभाव से नमी और बारिश (पूर्वी जिलों में)।

परिवहन और यात्रा पर मोंथा का असर: ट्रेन/फ्लाइट कैंसिल

चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण हज़ारों यात्री फंसे हुए हैं और परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

1. रेलवे सेवाएं (Indian Railways)

  • ट्रेनों का निरस्तीकरण: पूर्वोत्तर रेलवे (NER) और ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) ने सुरक्षा कारणों से 120 से अधिक ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। ये ट्रेनें मुख्य रूप से हावड़ा, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम और चेन्नई रूट की हैं।
  • रूट डायवर्जन: कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, जिससे यात्रा में देरी हो रही है।

2. हवाई यात्रा (Flights)

  • एयरपोर्ट बंद: आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम और ओडिशा में भुवनेश्वर एयरपोर्ट को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया था।
  • फ्लाइट कैंसिलेशन: कोलकाता (Netaji Subhas Chandra Bose International Airport) से उड़ने वाली और आने वाली 35 से अधिक घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं।

NDMA और NDRF की बचाव रणनीति

तबाही को कम करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें सक्रिय हैं।

  • तट से निकासी: तटीय इलाकों से लगभग 5 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों (साइक्लोन शेल्टर) पर पहुँचाया गया है।
  • NDRF की तैनाती: NDRF की 40 से अधिक टीमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल में तैनात हैं। ये टीमें फंसे हुए लोगों को निकालने, गिरे हुए पेड़ों को हटाने और संचार व्यवस्था को बहाल करने का काम कर रही हैं।
  • मछुआरों के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले 48 घंटों तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है।

आपके लिए ज़रूरी सावधानियाँ (Safety Measures)

अगर आप प्रभावित क्षेत्रों में हैं या आपकी यात्रा इन क्षेत्रों में है, तो इन सावधानियों का पालन करें:

  1. सरकारी एडवाइजरी: IMD और स्थानीय प्रशासन की लाइव अपडेट्स को लगातार सुनें और सभी निर्देशों का पालन करें।
  2. बिजली की आपूर्ति: बिजली के खंभों और टूटे हुए तारों से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर मुख्य बिजली आपूर्ति (Main Power Supply) को बंद कर दें।
  3. यात्रा रद्द करें: अगर बहुत ज़रूरी न हो, तो रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों की यात्रा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दें।
  4. ज़रूरी सामान: अपने घर में पानी, सूखा भोजन, टॉर्च, पावर बैंक और आवश्यक दवाइयों का स्टॉक रखें।

निष्कर्ष: बड़ी तबाही टली, लेकिन खतरा अभी बाकी

चक्रवात ‘मोंथा’ की भयावहता को देखते हुए, सरकार, NDRF और स्थानीय लोगों की सामूहिक तत्परता से जान-माल के बड़े नुकसान को टाल दिया गया है। हालांकि, भारी बारिश और बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है, खासकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में।

इस आपदा के दौरान, यह आवश्यक है कि सभी नागरिक आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें। राहत और पुनर्वास (Relief and Rehabilitation) कार्य में अभी भी लंबा समय लगेगा।

Sajid khan

Sajid khan

साजिद खान
पॉलिसी और योजना संवाददाता
योजना, जॉब, शिक्षा (शिक्षक)
प्रोफ़ेशन से शिक्षक साजिद खान की खासियत है कि वे सरकारी योजनाओं, शिक्षा और रोज़गार से जुड़ी जटिल जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं। उनकी रिपोर्टें पाठकों को उनके अधिकारों और अवसरों के बारे में जागरूक करते हैं।

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