भारतीय बाज़ार में सोने की क़ीमतें एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। त्योहारी और शादियों के सीज़न से पहले सोने की बढ़ती मांग और वैश्विक बाज़ारों में आए उतार-चढ़ाव के बीच, आज, 30अक्टूबर 2025 को, सोने के भाव में मामूली तेज़ी दर्ज की गई है। निवेशक और आम खरीदार, दोनों ही यह जानना चाहते हैं कि क्या यह तेज़ी जारी रहेगी और इस रिकॉर्ड तोड़ भाव में सोना खरीदना कितना सही होगा।
आज सोने का भाव (Today’s Gold Rate) अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू दोनों ही कारकों से प्रभावित है। इस विस्तृत रिपोर्ट में जानिए प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने का ताज़ा भाव, पिछले एक महीने का ट्रेंड विश्लेषण (Trend Analysis) और बाज़ार के दिग्गजों की क्या है राय।
सोने का ताज़ा भाव: 30 अक्टूबर 2025
आज, 30 अक्टूबर 2025, को भारतीय बाज़ार में सोने की क़ीमतों में मामूली इज़ाफ़ा देखने को मिला है। यहाँ विभिन्न कैरेट के सोने का 1 ग्राम और 10 ग्राम का औसत (Indicative) मूल्य दिया गया है, जिसमें स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।
1. 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने का आज का भाव (प्रति 10 ग्राम)
| शहर (City) | 24 कैरेट सोना (999 शुद्धता) प्रति 10 ग्राम | 22 कैरेट सोना (916 शुद्धता) प्रति 10 ग्राम | कल के मुकाबले बदलाव (Change) |
| नई दिल्ली (New Delhi) | ₹1,25,770 | ₹1,15,300 | ₹1,600 तक की तेज़ी |
| मुंबई (Mumbai) | ₹1,25,620 | ₹1,15,150 | ₹1,250 तक की तेज़ी |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹1,25,770 | ₹1,15,300 | ₹1,600 तक की तेज़ी |
| चेन्नई (Chennai) | ₹1,25,450 | ₹1,15,000 | ₹1,250 तक की तेज़ी |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹1,25,620 | ₹1,15,150 | ₹1,250 तक की तेज़ी |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹1,25,620 | ₹1,15,150 | ₹1,250 तक की तेज़ी |
(ये दरें केवल सांकेतिक हैं और इनमें GST, TCS और अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं। सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।)
महत्वपूर्ण जानकारी: ख़बरों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में (शुक्रवार, 25 अक्टूबर) सोने की क़ीमतों में तेज़ी आई थी और यह ट्रेंड आज भी जारी है। MCX पर सोना ₹1,27,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
ट्रेंडिंग न्यूज़ और एक्सपर्ट ओपिनियन: क्या खरीदना चाहिए सोना?
सोने की क़ीमतों का ट्रेंड इन दिनों काफी अस्थिर (Volatile) रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में तेज़ी के बाद मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिली है, जिससे क़ीमतें अपने उच्चतम स्तर से थोड़ी नीचे आई हैं।
1. तेज़ी के पीछे की 3 बड़ी वजह
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की क़ीमतों में यह तेज़ी जारी रहने की संभावना है, और इसके पीछे तीन मुख्य कारक काम कर रहे हैं:
- कमज़ोर रुपया (Weakening Rupee): भारत अपने सोने का अधिकांश हिस्सा आयात (Import) करता है। जब भारतीय रुपया (INR) अमेरिकी डॉलर (USD) के मुकाबले कमज़ोर होता है, तो भारत में सोने का आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू बाज़ार में क़ीमतें बढ़ जाती हैं।
- भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions): मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) मानते हैं। जब स्टॉक मार्केट में अस्थिरता आती है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की तरफ़ रुख करते हैं, जिससे मांग बढ़ती है और क़ीमतें ऊपर जाती हैं।
- त्योहारी मांग (Festive Demand): भारत में अब त्योहारी सीज़न (धनतेरस, दिवाली) और शादियों का समय शुरू होने वाला है। इस मौसमी मांग (Seasonal Demand) के कारण भी घरेलू बाज़ार में सोने की क़ीमतों को समर्थन मिल रहा है।
2. 2026 तक ₹1,45,000 का लक्ष्य!
यह सबसे बड़ी ट्रेंडिंग ख़बर है। प्रमुख वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की तेज़ी अभी थमेगी नहीं।
- लॉन्ग-टर्म आउटलुक: ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक घरेलू सोने के दाम ₹1,20,000 से ₹1,35,000 प्रति 10 ग्राम के बैंड में रह सकते हैं।
- नया रिकॉर्ड: ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के पूर्व चेयरमैन ने भविष्यवाणी की है कि वैश्विक और घरेलू गति के कारण आने वाले महीनों में सोने का भाव ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है।
- संरचनात्मक तेज़ी: विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेज़ी केवल अस्थायी नहीं है, बल्कि संरचनात्मक (Structural) है। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की मज़बूत ख़रीद और डॉलर पर घटता भरोसा इस तेज़ी को बनाए रखेगा।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह: खरीदें या बेचें?
वर्तमान बाज़ार की स्थिति को देखते हुए, एक्सपर्ट्स की राय मिली-जुली है, लेकिन लॉन्ग-टर्म नज़रिया सकारात्मक (Positive) बना हुआ है।
- शॉर्ट-टर्म (Intraday): कुछ एक्सपर्ट्स ने हाल ही में तेज़ी के बाद मुनाफ़ा बुक करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि ‘Sell on Rise’ (यानी दाम बढ़ने पर बेचें) की रणनीति अपनाई जा सकती है, क्योंकि शॉर्ट-टर्म में ₹1,31,000 के करीब रेज़िस्टेंस (Resistance) है।
- लॉन्ग-टर्म (Long-Term): जो लोग लंबे समय के लिए (अगले 1-3 साल) निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए सोना हमेशा एक सुरक्षित दांव रहा है। वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती महंगाई (Inflation) के सामने सोना एक बेहतरीन सुरक्षा कवच (Hedge) प्रदान करता है।
- सलाह: विशेषज्ञों का मानना है कि क़ीमतों में किसी भी गिरावट को खरीदने के अवसर (Buying Opportunity) के रूप में देखना चाहिए।
गोल्ड की शुद्धता (Purity) को समझना
सोना ख़रीदते समय उसकी शुद्धता (Carat) जानना सबसे ज़रूरी है। यह क़ीमत और मेकिंग चार्ज दोनों को प्रभावित करता है।
| कैरेट (Karat) | शुद्धता (Purity) | उपयोग (Usage) | क्यों ज़रूरी? |
| 24 कैरेट (24K) | 99.9% शुद्ध (Pure Gold) | निवेश (सिक्के, बार), इलेक्ट्रॉनिक उपयोग | गहने बनाने के लिए बहुत नरम होता है। |
| 22 कैरेट (22K) | 91.6% सोना + अन्य धातुएँ | गहने (Jewellery) और आभूषण | सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली शुद्धता, क्योंकि यह मज़बूत होती है। |
| 18 कैरेट (18K) | 75% सोना + अन्य धातुएँ | डायमंड ज्वेलरी, वेस्टर्न ज्वेलरी | कठोरता और डिज़ाइन की सुंदरता के लिए इस्तेमाल होता है। |
खरीदारों के लिए ज़रूरी बात: ज्वेलरी पर हमेशा हॉलमार्किंग (Hallmarking) देखें। BIS (Bureau of Indian Standards) हॉलमार्क सोने की शुद्धता की गारंटी देता है। 22 कैरेट सोने पर 916 का निशान देखना अनिवार्य है।
सोने की क़ीमत कौन और कैसे तय करता है? (जो आप जानना भूल गए)
भारत में सोने की क़ीमतें किसी एक व्यक्ति या सरकारी विभाग द्वारा तय नहीं की जाती हैं। यह एक जटिल प्रक्रिया है जो कई स्थानीय और वैश्विक कारकों पर निर्भर करती है:
1. अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार (Global Market)
- सोने का वैश्विक बेंचमार्क लंदन बुलियन मार्केट (LBM) और COMEX पर तय होता है। यहाँ सोना अमेरिकी डॉलर ($) में ट्रेड होता है।
- US डॉलर की मज़बूती या कमज़ोरी सीधे सोने की वैश्विक क़ीमत को प्रभावित करती है।
- केंद्रीय बैंक की ख़रीद: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (जैसे RBI) द्वारा गोल्ड रिज़र्व को बढ़ाना सोने की मांग को बढ़ाता है।
2. घरेलू कारक (Domestic Factors)
- विनिमय दर (Exchange Rate): जैसा कि बताया गया है, USD/INR की विनिमय दर भारत में सोने की आयात लागत को निर्धारित करती है।
- सरकारी नीतियाँ और टैक्स: भारत सरकार द्वारा आयात शुल्क (Import Duty) और GST (वस्तु एवं सेवा कर) की दरें घरेलू क़ीमतों में बड़ा बदलाव लाती हैं। सोने पर 3% GST लगता है।
- मेकिंग चार्ज (Making Charges): यह जौहरी द्वारा गहने बनाने के लिए लिया गया शुल्क है, जो क़ीमत में जुड़ता है। यह हर गहने और जौहरी के लिए अलग हो सकता है।
3. ‘मेकिंग चार्ज’ का रहस्य
खरीदारों को हमेशा ध्यान देना चाहिए कि सोने का भाव (Gold Rate) केवल धातु की क़ीमत है। मेकिंग चार्ज इसमें सबसे बड़ा अंतर पैदा करता है।
- ज्वेलरी खरीदते समय, मेकिंग चार्ज पर मोलभाव (Bargain) ज़रूर करें। यह ज्वेलरी की क़ीमत का 8% से 25% तक हो सकता है।
- कॉइन (Sovereign Gold Bonds) और बार (Bar) पर मेकिंग चार्ज सबसे कम या शून्य होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सोने का भाव 24K, 22K और 18K में क्यों बदलता है?
कैरेट शुद्धता को दर्शाता है। 24K सबसे शुद्ध है, इसलिए सबसे महंगा है। 22K में 91.6% सोना होता है, इसलिए इसकी क़ीमत कम होती है।
सोने का भाव ख़रीदते और बेचते समय अलग क्यों होता है?
खरीदते समय: आपको शुद्धता की क़ीमत + मेकिंग चार्ज + GST देनी होती है। बेचते समय: जौहरी केवल शुद्ध धातु की क़ीमत (बाज़ार दर पर) देता है और मेकिंग चार्ज हटा देता है।
सोने में निवेश का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
गहनों के अलावा, Sovereign Gold Bonds (SGBs), गोल्ड ETF (Exchange Traded Funds), और डिजिटल गोल्ड सबसे सुरक्षित और टैक्स-कुशल तरीके माने जाते हैं।
आज (30 अक्टूबर) सोने का भाव बढ़ रहा है या गिर रहा है?
आज, वैश्विक कारणों से भारतीय बाज़ार में क़ीमतों में मामूली तेज़ी दर्ज की गई है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए सोने के भाव सांकेतिक हैं और इनमें स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्ज, और बाज़ार की अस्थिरता के कारण बदलाव हो सकता है। किसी भी निवेश या खरीदारी से पहले अपने स्थानीय जौहरी और वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।