नमस्कार दोस्तों! नए साल 2026 का जश्न खत्म हो चुका है और अब देश की निगाहें साल के सबसे बड़े इवेंट पर टिकी हैं—केंद्रीय बजट 2026-27 (Union Budget 2026)।
संसद के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) में फाइलों का दौर शुरू हो चुका है और रवायती ‘हलवा सेरेमनी’ (Halwa Ceremony) की तैयारियां चल रही हैं, जो बजट छपने से पहले मनाई जाती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को अपना लगातार अगला बजट पेश करेंगी।
लेकिन इस बार का बजट आम बजट नहीं है। चुनावी आहटों और महंगाई की मार के बीच, आम आदमी (Common Man) की उम्मीदें सातवें आसमान पर हैं। क्या टैक्स स्लैब बदलेगा? क्या पेट्रोल-डीजल सस्ता होगा? क्या 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) आएगा?
आज हम आपको उन सभी संभावित घोषणाओं (Expectations) के बारे में विस्तार से बताएंगे जो 1 फरवरी को आपकी जिंदगी बदल सकती हैं
1. मिडिल क्लास की उम्मीद: क्या इनकम टैक्स छूट बढ़कर 10 लाख होगी? (Income Tax Slabs 2026)
बजट का नाम सुनते ही नौकरीपेशा इंसान के दिमाग में सबसे पहला शब्द आता है—TAX। पिछले कुछ सालों में सरकार ने ‘New Tax Regime’ को बढ़ावा दिया है, लेकिन महंगाई को देखते हुए मिडिल क्लास को और राहत चाहिए।
क्या हैं बड़ी उम्मीदें?
- बेसिक छूट सीमा (Basic Exemption Limit): अभी नई रिजीम में 3 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगता। उम्मीद है कि इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है।
- रिबेट लिमिट (Rebate Limit): अभी 7 लाख रुपये तक की आय पर रिबेट (Rebate u/s 87A) मिलती है। चर्चा है कि सरकार इसे बढ़ाकर 8.5 लाख या 10 लाख रुपये कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो यह मिडिल क्लास के लिए ‘दिवाली’ जैसा तोहफा होगा।
- स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction): वेतनभोगियों को अभी 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसे बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1,00,000 करने की मांग जोरों पर है।
Table: संभावित टैक्स बदलाव (Expected Changes)
| कैटेगरी | अभी (Current) | उम्मीद (Expected) |
| Tax Free Limit | ₹3 Lakh | ₹5 Lakh |
| Rebate Limit | ₹7 Lakh | ₹8.5 – ₹10 Lakh |
| Standard Deduction | ₹50,000 | ₹75,000 |
2. अन्नदाता के लिए खजाना: PM Kisan की राशि बढ़ेगी? (Farmers Budget)
2026 में कई राज्यों में चुनाव होने हैं, ऐसे में सरकार किसानों (Farmers) को नाराज नहीं कर सकती। ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ (PM Kisan Samman Nidhi) को लेकर बड़ी खबर आ सकती है।
- राशि में बढ़ोतरी: अभी किसानों को साल में 6,000 रुपये (2-2 हजार की 3 किस्तों में) मिलते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसे बढ़ाकर 9,000 रुपये या 12,000 रुपये सालाना किया जा सकता है।
- फसल बीमा और MSP: खाद (Fertilizer) पर सब्सिडी बढ़ाई जा सकती है और MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर कोई ठोस कानून या गारंटी का ऐलान हो सकता है।
- लोन माफ़ी: हालांकि केंद्र सरकार लोन माफ़ी से बचती है, लेकिन ब्याज दरों में छूट (Interest Subvention) बढ़ाई जा सकती है।
3. महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ 2.0 (Women Empowerment)
वित्त मंत्री हमेशा महिलाओं के लिए कुछ खास लेकर आती हैं। इस बार ‘लाडली बहना’ (Ladli Behna) जैसी योजनाओं की तर्ज पर नेशनल लेवल पर कोई बड़ी स्कीम आ सकती है।
- डायरेक्ट कैश ट्रांसफर: गरीब महिलाओं के खातों में सीधे पैसे भेजने की योजना का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
- LPG सब्सिडी: उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) के तहत गैस सिलेंडर पर सब्सिडी 300 रुपये से बढ़ाई जा सकती है।
4. रेलवे बजट: वंदे भारत स्लीपर और सुरक्षा पर जोर (Railway Budget 2026)
हाल के दिनों में हुए ट्रेन हादसों और कोहरे की समस्या को देखते हुए रेलवे बजट का फोकस ‘सुरक्षा’ (Safety) पर होगा।
- कवच सिस्टम (Kavach): ट्रेनों को टकराने से रोकने वाले ‘कवच सिस्टम’ को पूरे देश में लागू करने के लिए भारी फंड दिया जा सकता है।
- Vande Bharat Sleeper: अभी तक वंदे भारत सिर्फ बैठने वाली (Chair Car) थी। इस बजट में 500 नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान हो सकता है जो राजधानी एक्सप्रेस की जगह लेंगी।
- किराया (Fare): वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए किराए में छूट, जो कोविड के समय बंद कर दी गई थी, उसे दोबारा शुरू करने की मांग है। क्या सरकार इसे मानेंगी? यह 1 फरवरी को पता चलेगा।
5. 8वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों की टकटकी (8th Pay Commission)
केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से 8th Pay Commission के गठन की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन बजट में इसको लेकर कोई संकेत (Hint) मिल सकता है। अगर इसका ऐलान होता है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 25% से 30% तक का उछाल आ सकता है।
6. क्या होगा सस्ता और क्या महंगा? (Cheaper vs Costlier)
हर बजट के बाद मोबाइल और सिगरेट के दाम बदलते हैं। इस बार क्या हो सकता है?
- सस्ता (Likely Cheaper):
- मेड इन इंडिया मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक्स: कस्टम ड्यूटी कम हो सकती है।
- इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EVs): प्रदूषण कम करने के लिए EV बैटरी पर टैक्स कम हो सकता है।
- दवाइयां: जीवन रक्षक दवाएं और कैंसर की दवाएं सस्ती हो सकती हैं।
- महंगा (Likely Costlier):
- सिगरेट और तंबाकू: इन पर हमेशा टैक्स बढ़ता है।
- इंपोर्टेड ज्वेलरी: बाहर से आने वाले गहनों पर ड्यूटी बढ़ सकती है।
- प्लास्टिक का सामान: पर्यावरण को देखते हुए सख्ती बढ़ सकती है।
7. रोजगार और युवा: स्टार्टअप्स को बूस्ट (Youth & Jobs)
बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। सरकार ‘Production Linked Incentive’ (PLI) स्कीम का दायरा बढ़ा सकती है ताकि मैन्युफैक्चरिंग में नौकरियां पैदा हों।
- Education Loan: शिक्षा ऋण सस्ता करने या ब्याज में छूट देने का ऐलान संभव है।
- Startup Tax Holiday: नए स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, बजट 2026 से उम्मीदें बहुत हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह बजट “Populist” (लोक-लुभावन) हो सकता है क्योंकि सरकार का फोकस आम जनता को राहत देने पर होगा।
अब देखना यह है कि 1 फरवरी को जब वित्त मंत्री अपना टैबलेट खोलेंगी, तो उसमें से ‘अमृत’ निकलेगा या सिर्फ आंकड़े? तब तक के लिए आप अपनी ‘Wishlist’ तैयार रखिये।
(Note: बजट वाले दिन सबसे तेज अपडेट और आसान भाषा में विश्लेषण पाने के लिए हमारे Telegram चैनल को अभी ज्वाइन करें।)